Mr. Rajesh Kumar
JBT/PRT at GPS Naurangabas Thakran
Haryana (Charkhi Dadri)
National Teacher Awardee (2016)
मैंने वर्ष 1997 में राज्य स्तरीय प्रतियोगिता परीक्षा पास करके प्राथमिक शिक्षक के रूप में शिक्षण की शुरुआत की ।
मेरे प्रथम स्कूल में शिक्षा का वातावरण उचित था । नामांकन 300 प्लस था , हमने अथक प्रयास किए और नामांकन को 400 प्लस तक पहुंचाया । खेल गतिविधियों में हमने विद्यार्थी तैयार किए और उन्हें राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं में सफलता दिलाई । उस गांव में समुदाय विशेष के बच्चे माध्यमिक शिक्षा पूरी करते-करते विद्यालय छोड़ जाते थे मैंने बच्चों की तथा उसके साथ-साथ माता-पिता से परामर्श किया , जिसका नतीजा यह रहा की ड्रॉप आउट दर शून्य हो गई तथा वे बच्चे अब देश के लिए प्रतिष्ठित सेवाओं अध्यापन , फौज , चिकित्सा एवं दूसरे क्षेत्रों में कुशलता पूर्वक कार्य कर रहे हैं । मैंने इस विद्यालय में लगभग 9.5 प्लस वर्ष तक काम किया ।
दूसरे विद्यालय में समस्याएं कुछ अलग थी । यह एक नव पदोन्नत विद्यालय था जहां विद्यालय परिसर सौंदर्यकरण व नामांकन के लिए बहुत काम करना था । हमने 4 साल तक खूब मेहनत की जिसका नतीजा यह रहा कि विद्यालय ने मुख्यमंत्री सौंदर्यकरण प्रतियोगिता में जिला स्तर पर प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया तथा इस दौरान विद्यालय के विद्यार्थियों , अध्यापकों आदि ने भी भिन्न-भिन्न प्रतियोगिताओं में अनेक पुरस्कार प्राप्त किये । विद्यालय नामांकन को बढ़ाकर हमने 250 प्लस किया । इस विद्यालय में भी मैंने लगभग 9.5 प्लस वर्ष तक कार्य किया ।
तीसरे स्कूल में समस्याएं पहले दोनों विद्यालय से भिन्न थी । अभिभावक माध्यमिक शिक्षा प्राप्त करते-करते बच्चों को स्कूल से निकाल लेते थे ।मैंने अभिभावकों को बुलाकर परामर्श किया व समझाया तथा बच्चों को जवाहर नवोदय विद्यालय जैसे आवासीय स्कूलों में भेजने के लिए तैयारी शुरू करवाई ताकि बच्चों में स्वतंत्र विचार पैदा हो सके जिसमें मुझे सफलता मिली तथा कई बच्चे जवाहर नवोदय विद्यालय जैसे आवासीय विद्यालय से पढ़ कर आए हैं व भिन्न-भिन्न क्षेत्रों में सेवा के लिए अपनी तैयारी कर रहे हैं जिसका परिणाम अभी एक-दो साल में आना बाकी है । मैंने इस विद्यालय में भी लगभग 9.5 प्लस वर्ष तक कार्य किया ।
उपरोक्त 28.5 प्लस वर्ष की सेवा अवधि में मुझे भारत की जनगणना 2001 के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रगणक पुरस्कार , जिला स्तरीय शिक्षक अधिगम सामग्री प्रतियोगिता में हिंदी विषय की कार्यशील श्रेणी में प्रथम पुरस्कार 2012 व 2013 में दिया गया । महामहिम राज्यपाल हरियाणा द्वारा 2013 में राज्य शिक्षक पुरस्कार 2012 तथा महामहिम राष्ट्रपति महोदय भारत द्वारा वर्ष 2016 में राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2015 दिया गया ।
शिक्षण जैसे पुनीत व्यवसाय में भेजने के लिए उस परमपिता का असीम आभार
राजेश कुमार
मेरे प्रथम स्कूल में शिक्षा का वातावरण उचित था । नामांकन 300 प्लस था , हमने अथक प्रयास किए और नामांकन को 400 प्लस तक पहुंचाया । खेल गतिविधियों में हमने विद्यार्थी तैयार किए और उन्हें राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं में सफलता दिलाई । उस गांव में समुदाय विशेष के बच्चे माध्यमिक शिक्षा पूरी करते-करते विद्यालय छोड़ जाते थे मैंने बच्चों की तथा उसके साथ-साथ माता-पिता से परामर्श किया , जिसका नतीजा यह रहा की ड्रॉप आउट दर शून्य हो गई तथा वे बच्चे अब देश के लिए प्रतिष्ठित सेवाओं अध्यापन , फौज , चिकित्सा एवं दूसरे क्षेत्रों में कुशलता पूर्वक कार्य कर रहे हैं । मैंने इस विद्यालय में लगभग 9.5 प्लस वर्ष तक काम किया ।
दूसरे विद्यालय में समस्याएं कुछ अलग थी । यह एक नव पदोन्नत विद्यालय था जहां विद्यालय परिसर सौंदर्यकरण व नामांकन के लिए बहुत काम करना था । हमने 4 साल तक खूब मेहनत की जिसका नतीजा यह रहा कि विद्यालय ने मुख्यमंत्री सौंदर्यकरण प्रतियोगिता में जिला स्तर पर प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया तथा इस दौरान विद्यालय के विद्यार्थियों , अध्यापकों आदि ने भी भिन्न-भिन्न प्रतियोगिताओं में अनेक पुरस्कार प्राप्त किये । विद्यालय नामांकन को बढ़ाकर हमने 250 प्लस किया । इस विद्यालय में भी मैंने लगभग 9.5 प्लस वर्ष तक कार्य किया ।
तीसरे स्कूल में समस्याएं पहले दोनों विद्यालय से भिन्न थी । अभिभावक माध्यमिक शिक्षा प्राप्त करते-करते बच्चों को स्कूल से निकाल लेते थे ।मैंने अभिभावकों को बुलाकर परामर्श किया व समझाया तथा बच्चों को जवाहर नवोदय विद्यालय जैसे आवासीय स्कूलों में भेजने के लिए तैयारी शुरू करवाई ताकि बच्चों में स्वतंत्र विचार पैदा हो सके जिसमें मुझे सफलता मिली तथा कई बच्चे जवाहर नवोदय विद्यालय जैसे आवासीय विद्यालय से पढ़ कर आए हैं व भिन्न-भिन्न क्षेत्रों में सेवा के लिए अपनी तैयारी कर रहे हैं जिसका परिणाम अभी एक-दो साल में आना बाकी है । मैंने इस विद्यालय में भी लगभग 9.5 प्लस वर्ष तक कार्य किया ।
उपरोक्त 28.5 प्लस वर्ष की सेवा अवधि में मुझे भारत की जनगणना 2001 के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रगणक पुरस्कार , जिला स्तरीय शिक्षक अधिगम सामग्री प्रतियोगिता में हिंदी विषय की कार्यशील श्रेणी में प्रथम पुरस्कार 2012 व 2013 में दिया गया । महामहिम राज्यपाल हरियाणा द्वारा 2013 में राज्य शिक्षक पुरस्कार 2012 तथा महामहिम राष्ट्रपति महोदय भारत द्वारा वर्ष 2016 में राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2015 दिया गया ।
शिक्षण जैसे पुनीत व्यवसाय में भेजने के लिए उस परमपिता का असीम आभार
राजेश कुमार
Awards & Recognitions
- State Teacher Award 2012
- National Teacher Award 2015
Innovations & Projects
- शिक्षण अधिगम सामग्री नवाचार पर कार्य किया, जिला स्तर पर प्रदर्शन किया जिसमें प्रथम स्थान प्राप्त किया तथा राज्य शैक्षिक एवं अनुसंधान संस्थान गुरुग्राम ने उसको प्रमाणित किया ।परियोजना थी "मैजिक वर्णमाला"
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