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Success Story Published on June 28, 2026

मेरा शिक्षकीय यात्रा- ओम प्रकाश पाटीदार

Om Prakash Patidar
Om Prakash Patidar
Verified PATF Member / Educator
मेरा शिक्षकीय यात्रा- ओम प्रकाश पाटीदार

मेरे जीवन की यात्रा इस विश्वास से प्रारंभ हुई कि शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का सबसे प्रभावी माध्यम है। मेरा नाम श्री ओम प्रकाश पाटीदार है और मैं वर्तमान में शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय, शाजापुर में उच्च माध्यमिक शिक्षक (व्याख्याता, जीवविज्ञान) के रूप में कार्यरत हूँ। आज यदि मुझे राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर विभिन्न सम्मानों से सम्मानित होने का अवसर मिला है, तो उसके पीछे लगभग दो दशकों का सतत परिश्रम, नवाचार, निरंतर सीखने की इच्छा और विद्यार्थियों के प्रति अटूट समर्पण है।

शिक्षकीय जीवन की शुरुआत

18 जुलाई 2006 को शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बेरछा में मेरी पहली नियुक्ति हुई। एक नए शिक्षक के रूप में मेरे सामने अनेक चुनौतियाँ थीं। सीमित संसाधन, ग्रामीण परिवेश और विद्यार्थियों की विविध आवश्यकताएँ मेरे लिए सीखने का अवसर बनीं। मैंने शुरुआत से ही यह तय कर लिया था कि मैं केवल पाठ्यपुस्तक पढ़ाने वाला शिक्षक नहीं बनूँगा, बल्कि विद्यार्थियों में सीखने की जिज्ञासा, वैज्ञानिक सोच और जीवन कौशल विकसित करने का प्रयास करूँगा।

मैंने प्रत्येक विद्यार्थी को उसकी क्षमता के अनुसार आगे बढ़ाने का प्रयास किया। परिणामस्वरूप मेरे विषय जीवविज्ञान में विद्यार्थियों ने निरंतर उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम प्राप्त किए। मेरे लिए सफलता का अर्थ केवल परीक्षा में अंक नहीं था, बल्कि विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, तर्कशक्ति और सीखने की आदत विकसित करना था।

ज्ञानपुंज दल में नई सीख

05 फरवरी 2012 से 14 जनवरी 2016 तक मुझे जिला स्तरीय ज्ञानपुंज दल में कार्य करने का अवसर मिला। इस अवधि में विद्यालयों का सतत भ्रमण, शिक्षकों के साथ संवाद, प्रशिक्षण और शैक्षणिक मार्गदर्शन ने मेरे अनुभव को व्यापक बनाया। मैंने महसूस किया कि यदि शिक्षक स्वयं सीखना बंद कर देता है तो शिक्षा भी ठहर जाती है।

इसी दौरान मैंने शिक्षक प्रशिक्षण, डिजिटल शिक्षा, मुक्त शैक्षिक संसाधनों तथा नवाचार आधारित शिक्षण को अपने कार्य का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया।

सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) का प्रभावी उपयोग

समय के साथ मैंने शिक्षण में सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) का व्यापक उपयोग प्रारंभ किया। मेरा विश्वास था कि तकनीक तभी सार्थक है जब वह विद्यार्थियों की सीखने की गुणवत्ता को बेहतर बनाए।

मैंने DIKSHA, NROER तथा अन्य मुक्त शैक्षिक संसाधनों का उपयोग केवल अपनी कक्षाओं तक सीमित नहीं रखा, बल्कि अन्य शिक्षकों को भी इनके उपयोग के लिए प्रेरित किया। विद्यार्थियों के लिए डिजिटल सामग्री तैयार की, ऑनलाइन मूल्यांकन विकसित किए तथा तकनीक आधारित अधिगम को विद्यालय की संस्कृति का हिस्सा बनाया।

मैंने H5P, Kahoot, Quizizz, Algodoo, Augmented Reality (AR) तथा अन्य Free and Open Source Software (FOSS) का उपयोग कर जीवविज्ञान जैसे विषय को रोचक, प्रयोगात्मक और सहभागितापूर्ण बनाया। इससे विद्यार्थियों में सीखने की रुचि और परिणामों में उल्लेखनीय सुधार हुआ।

वैज्ञानिक दृष्टिकोण के प्रसार का अभियान

मेरे जीवन का सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को पढ़ाना नहीं रहा, बल्कि समाज में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना भी रहा है।

इसी उद्देश्य से मैंने "विज्ञान एवं समाज" विषय पर एक ब्लॉग प्रारंभ किया। आज इस ब्लॉग पर विज्ञान, स्वास्थ्य, पर्यावरण, जैव विविधता, मिथकों का वैज्ञानिक विश्लेषण, नई वैज्ञानिक खोजों तथा सामाजिक विषयों पर 1000 से अधिक लेख प्रकाशित हो चुके हैं।

इन लेखों को भारत ही नहीं बल्कि विश्व के अनेक देशों के 15 लाख से अधिक पाठकों ने पढ़ा है। यह मेरे लिए अत्यंत संतोष का विषय है कि डिजिटल माध्यम से विज्ञान को सरल भाषा में समाज तक पहुँचाने का मेरा प्रयास सफल रहा।

पुस्तक लेखन

वैज्ञानिक चेतना को और अधिक व्यापक बनाने के उद्देश्य से मैंने कई पुस्तकों का लेखन किया—

  • ऐसा क्यों होता है? (वैज्ञानिक दृष्टिकोण)
  • प्रयास – एक पहल
  • ऐसा क्यों होता है? वैज्ञानिक दृष्टिकोण 2.0
  • लोक जैवविविधता पंजी

इन पुस्तकों का उद्देश्य विद्यार्थियों और आमजन में वैज्ञानिक सोच विकसित करना, जिज्ञासा को बढ़ावा देना तथा स्थानीय ज्ञान को संरक्षित करना है।

जैव विविधता संरक्षण की दिशा में कार्य

शिक्षक के रूप में मेरा मानना है कि प्रकृति स्वयं सबसे बड़ी प्रयोगशाला है।

इसी सोच के साथ मैंने विद्यार्थियों को स्थानीय जैव विविधता के संरक्षण से जोड़ने का प्रयास किया। विद्यार्थियों के सहयोग से शाजापुर, मोहन बड़ोदिया, कालापीपल एवं घट्टिया विकासखंड की लोक जैवविविधता पंजी (People's Biodiversity Register) तैयार करवाई।

इस कार्य से विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय ज्ञान के दस्तावेजीकरण तथा जैव विविधता के महत्व के प्रति गहरी समझ विकसित हुई।

शिक्षक प्रशिक्षण एवं शैक्षणिक नेतृत्व

मुझे विभिन्न राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय स्रोत समूहों (SRG) में कार्य करने का अवसर मिला। इनमें प्रमुख हैं—

  • NCERT द्वारा मध्यप्रदेश के ICT Curriculum हेतु State Resource Group सदस्य।
  • RMSA द्वारा विज्ञान एवं जीवविज्ञान पाठ्यक्रम हेतु SRG।
  • Professional Learning Community (PLC) में मॉडरेटर।
  • British Council EMPOWER कार्यक्रम हेतु SRG।
  • साइंस सेंटर भोपाल के क्षेत्रीय एवं जिला समन्वयक।
  • जीवन कौशल शिक्षा, सतत एवं व्यापक मूल्यांकन तथा स्कूल हेल्थ एंड वेलनेस कार्यक्रम के जिला स्रोत समूह सदस्य।

इन दायित्वों के माध्यम से मुझे हजारों शिक्षकों के प्रशिक्षण, शैक्षणिक मार्गदर्शन और नवाचारों के प्रसार का अवसर मिला। मेरा मानना है कि एक प्रशिक्षित शिक्षक ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की आधारशिला है।

राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय सम्मान

मेरे कार्यों को समय-समय पर राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर सराहा गया। वर्ष 2017 में मुझे भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय ICT पुरस्कार प्राप्त हुआ। यह सम्मान शिक्षा में सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी के प्रभावी उपयोग के लिए प्रदान किया गया।

वर्ष 2019 में मध्यप्रदेश शासन द्वारा राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान (राज्यपाल पुरस्कार) प्राप्त हुआ। इसी वर्ष मुझे मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, भोपाल द्वारा राज्य स्तरीय नवाचारी विज्ञान शिक्षक पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया।

मेरे शिक्षकीय जीवन का सबसे गौरवपूर्ण क्षण वर्ष 2022 में आया, जब मुझे भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान (राष्ट्रपति पुरस्कार) से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति भवन में देश के सर्वोच्च शिक्षक सम्मान को प्राप्त करना केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि मेरे विद्यार्थियों, सहकर्मियों, अभिभावकों तथा पूरे शिक्षा परिवार के सामूहिक प्रयासों का सम्मान था।

इसके अतिरिक्त मुझे Microsoft Innovative Educator Expert (MIEE), सर्वश्रेष्ठ जिला समन्वयक, सर्वश्रेष्ठ मार्गदर्शक शिक्षक तथा विज्ञानश्री सम्मान जैसे अनेक सम्मान प्राप्त हुए।

मेरी शिक्षण दर्शन

मैं हमेशा मानता हूँ कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा उत्तीर्ण कराना नहीं, बल्कि ऐसे नागरिक तैयार करना है जो जिज्ञासु, संवेदनशील, वैज्ञानिक दृष्टिकोण वाले और समाज के प्रति उत्तरदायी हों।

मेरे लिए प्रत्येक कक्षा एक प्रयोगशाला है, प्रत्येक विद्यार्थी एक शोधकर्ता है और प्रत्येक शिक्षक एक आजीवन शिक्षार्थी है।

भविष्य का संकल्प

आज कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डिजिटल शिक्षा और नवाचार शिक्षा के नए आयाम बन चुके हैं। मेरा संकल्प है कि इन तकनीकों का उपयोग करते हुए शिक्षा को और अधिक प्रभावी, समावेशी तथा विद्यार्थी-केंद्रित बनाया जाए। मैं चाहता हूँ कि प्रत्येक विद्यार्थी केवल ज्ञान प्राप्त न करे, बल्कि स्वयं ज्ञान का सृजन करना सीखे। यही भविष्य की शिक्षा है और यही मेरी जीवन यात्रा का उद्देश्य भी। आज मुझे जो भी मिला यह हजारों विद्यार्थियों की मुस्कान, सहकर्मियों का सहयोग, समाज का विश्वास और निरंतर सीखने की मेरी प्रतिबद्धता का प्रतिफल है। मेरा विश्वास है कि एक शिक्षक का वास्तविक पुरस्कार उसके विद्यार्थियों की सफलता और समाज में आया सकारात्मक परिवर्तन है।

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