26 अगस्त 2026: राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों का राष्ट्रीय संवाद
AI, नवाचार, मित्रता और भविष्य की शिक्षा के लिए एक साझा संकल्प
नई दिल्ली | 26 अगस्त 2026
कभी-कभी किसी आयोजन की सार्थकता उसके आकार, मंच या औपचारिक कार्यक्रम से नहीं, बल्कि उसमें जन्म लेने वाले विचारों, संवाद, रिश्तों और भविष्य के संकल्पों से तय होती है। 26 अगस्त 2026 का दिन भी कुछ ऐसा ही रहा।
देश के विभिन्न राज्यों से दिल्ली पहुँचे राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार एवं राष्ट्रीय ICT पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों के लिए यह दिन केवल एक सम्मेलन में सहभागिता का अवसर नहीं रहा, बल्कि संवाद, सहयोग, नई मित्रता, अनुभवों के आदान-प्रदान और भारत की भावी शिक्षा के लिए मिलकर कार्य करने के संकल्प का यादगार अवसर बन गया।
Presidential Teacher Awardee Forum (PATF) और CoGrad के संयुक्त सहयोग से IIT Delhi के Innovation & Research Ecosystem में आयोजित इस कार्यक्रम का मूल उद्देश्य देशभर के राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को एक साझा मंच पर लाना तथा Medha AI – Teaching Intelligence Platform के उद्घाटन, प्रदर्शन और स्कूली शिक्षा में इसके संभावित उपयोग पर सार्थक संवाद स्थापित करना था।
हालाँकि कुछ अपरिहार्य परिस्थितियों के कारण Medha AI का औपचारिक लॉन्च और सम्मेलन अपने पूर्व निर्धारित व्यापक स्वरूप में आयोजित नहीं हो सका तथा इसे पुनर्निर्धारित करने का निर्णय लिया गया। लेकिन देश के अलग-अलग हिस्सों से दिल्ली पहुँचे शिक्षकों ने इस अवसर को व्यर्थ नहीं जाने दिया।
एक बड़े औपचारिक सम्मेलन के स्थान पर यह अवसर एक छोटे, आत्मीय और अत्यंत सार्थक “राष्ट्रीय शिक्षक संवाद” में बदल गया—और शायद यही इस दिन की सबसे खूबसूरत उपलब्धि रही।
यह संवाद धीरे-धीरे PATF की भविष्य की दिशा, NEP 2020, Artificial Intelligence, Educational Technology, शिक्षक सहयोग, नवाचार तथा नई तकनीकों के वास्तविक Classroom Integration पर गंभीर विचार-मंथन में परिवर्तित हो गया।
कार्यक्रम की वीडियो झलक:
https://youtu.be/fmLeZHGTo34?si=xfJLvELuUMwEymjw
PATF Core Group ने संभाली संवाद की कमान
कार्यक्रम का शुभारंभ PATF के अध्यक्ष इमरान खान मेवाती द्वारा सभी राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिक्षक साथियों के आत्मीय स्वागत के साथ हुआ।
उन्होंने प्रतिभागियों को केवल नाम और राज्य बताने तक सीमित न रखते हुए अपने महत्वपूर्ण शैक्षिक नवाचार, उपलब्धियाँ, विशेषज्ञता और शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे विशिष्ट कार्यों को साझा करने के लिए आमंत्रित किया।
PATF Core Group की ओर से इमरान खान मेवाती, राजीव राज, नवीन गुप्ता, रमेश बडोनी, अंजू दहिया, मीनाक्षी गोस्वामी, अंजू और रजनी शर्मा सहित अन्य सदस्यों ने संवाद को आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाई।
परिचय का यह दौर शीघ्र ही एक रोचक Knowledge Sharing Session में बदल गया। अलग-अलग राज्यों, विषयों, भाषाओं और सामाजिक-शैक्षिक परिस्थितियों में कार्य करने वाले इन शिक्षकों के अनुभवों में विविधता थी, लेकिन उनका लक्ष्य एक था—शिक्षा को बेहतर बनाना और विद्यार्थियों तक नवाचार का वास्तविक लाभ पहुँचाना।
इसी संवाद से एक महत्वपूर्ण विचार उभरकर सामने आया कि राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों की सामूहिक विशेषज्ञता को भविष्य में एक “National Knowledge & Innovation Network” के रूप में विकसित किया जा सकता है।
PATF - Medha AI: शिक्षक अनुभव और Artificial Intelligence को जोड़ने की पहल
PATF Core Group की ओर से रमेश बडोनी ने PATF और CoGrad के सहयोग तथा Medha AI – Teaching Intelligence Platform की संभावनाओं पर संक्षिप्त जानकारी साझा की।
उन्होंने Medha AI से जुड़े हिमांशु चौरसिया और सौरभ कुमार के प्रयासों की सराहना करते हुए इस बात पर बल दिया कि किसी भी शैक्षिक तकनीकी प्लेटफॉर्म की वास्तविक शक्ति तब बढ़ती है, जब उसके साथ अनुभवी शिक्षकों की classroom understanding और ground-level expertise जुड़ती है।
संवाद से एक बहुत स्पष्ट विचार सामने आया—
“AI शिक्षक का विकल्प नहीं, बल्कि शिक्षक की क्षमता, रचनात्मकता और प्रभावशीलता को बढ़ाने वाला सहयोगी माध्यम बने।”
Medha AI के संदर्भ में AI-enabled Teaching, Assessment, Classroom Engagement, Personalised Learning, Teaching Intelligence तथा Beyond-Teaching Experience जैसी संभावनाओं पर चर्चा की गई।
साथ ही यह भी रेखांकित किया गया कि किसी AI Platform की सफलता केवल उसकी तकनीकी क्षमता से तय नहीं होगी। उसे वास्तविक Classroom Requirements, शिक्षक की जरूरतों, विद्यार्थियों की विविधता, स्थानीय परिस्थितियों और Learning Outcomes से जोड़ना आवश्यक होगा।
CoGrad टीम की ओर से Medha AI के औपचारिक लॉन्च के पुनर्निर्धारण पर खेद व्यक्त करते हुए विश्वास दिलाया गया कि कार्यक्रम को शीघ्र व्यापक स्वरूप में पुनः आयोजित किया जाएगा और राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को पुनः आमंत्रित किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान मध्य प्रदेश के राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिक्षक ओम प्रकाश पाटीदार से जुड़ी अपरिहार्य परिस्थिति की जानकारी ने उपस्थित शिक्षक साथियों को भावुक किया।
सभी ने उनके प्रति अपनी संवेदना एवं आत्मीय भाव व्यक्त किए और परिस्थितियों के शीघ्र सामान्य होने की कामना की।
यह क्षण इस बात का भी प्रतीक बना कि PATF केवल पेशेवर उपलब्धियों और शैक्षिक विमर्श का समूह नहीं, बल्कि आपसी आत्मीयता, संवेदनशीलता और मानवीय संबंधों से जुड़ा शिक्षक परिवार भी है।
NEP 2020 से AI Intervention तक
संवाद का एक महत्वपूर्ण हिस्सा PATF की भविष्य की भूमिका पर केंद्रित रहा।
इस बात पर सहमति दिखाई दी कि PATF को केवल राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों के आपसी संपर्क तक सीमित न रखते हुए इसे राष्ट्रीय शिक्षा के लिए एक सक्रिय Professional, Knowledge & Innovation Network के रूप में विकसित किया जा सकता है।
राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों की विशेषज्ञता के आधार पर भविष्य में Artificial Intelligence Intervention, Curriculum Alignment, Assessment & Evaluation, Educational Technology, Multilingual Translation, Content Development, Inclusive Education, Teacher Capacity Building, Innovation और NEP 2020 Implementation जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञ कार्य समूह विकसित करने का विचार सामने आया।
इससे विभिन्न राज्यों में कार्यरत अनुभवी शिक्षक अपनी विशेषज्ञता के अनुसार राष्ट्रीय स्तर के शैक्षिक कार्यक्रमों, संसाधनों, शोध, प्रशिक्षण, मेंटरिंग और नवाचार में योगदान दे सकेंगे।
सम्मेलन से आगे—Projects और Classroom Intervention की ओर
भोजनावकाश के बाद कार्यक्रम और अधिक आत्मीय तथा संवादात्मक हो गया। छोटे समूहों में बैठकर शिक्षकों ने PATF की आगामी गतिविधियों और संभावित राष्ट्रीय पहलों पर खुलकर विचार साझा किए।
चर्चा में कई महत्वपूर्ण प्रश्न उभरे—PATF को और मजबूत कैसे बनाया जाए? विशेषज्ञता आधारित कार्य समूह कैसे तैयार किए जाएँ? आगामी conferences को अधिक परिणामपरक कैसे बनाया जाए? IIT जैसे तकनीकी संस्थानों तथा राष्ट्रीय शैक्षिक संगठनों के साथ सहयोग कैसे बढ़ाया जाए? और सबसे महत्वपूर्ण—राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों के अनुभवों का लाभ देश के सामान्य शिक्षक और विद्यार्थियों तक कैसे पहुँचाया जाए?
इस बात पर भी जोर रहा कि भविष्य के कार्यक्रम केवल सम्मेलन और प्रस्तुतियों तक सीमित न रहें। उनसे वास्तविक Projects, Digital Resources, Mentoring Networks, Research, Innovations और Classroom Interventions विकसित होने चाहिए।
नवीन गुप्ता का विशेष सहयोग और CoGrad टीम का आत्मीय स्वागत
कार्यक्रम के समन्वय एवं सुचारू संचालन में नवीन गुप्ता का विशेष सहयोग रहा।
CoGrad की ओर से हिमांशु चौरसिया, सौरभ कुमार और उनकी टीम ने विभिन्न राज्यों से पहुँचे राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों के स्वागत, आवास और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए व्यापक तैयारी की थी।
मूल कार्यक्रम अपरिहार्य कारणों से अपने नियोजित स्वरूप में आयोजित नहीं हो पाया, फिर भी प्रतिभागियों ने CoGrad टीम की तैयारी, आतिथ्य, सहयोग और सकारात्मक भावना की सराहना की।
शिक्षकों ने भविष्य में पुनर्निर्धारित कार्यक्रम में सहयोग करने तथा Medha AI जैसे प्लेटफॉर्म को वास्तविक शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया के लिए उपयोगी बनाने हेतु अपने अनुभव और विशेषज्ञता साझा करने की इच्छा भी व्यक्त की।
देश के विभिन्न राज्यों से जुड़े राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिक्षक
इस राष्ट्रीय संवाद की सबसे बड़ी शक्ति इसमें देश के अलग-अलग राज्यों से पहुँचे शिक्षक रहे।
उत्तर प्रदेश: अल्पा निगम, डॉ. राजीव राज, डॉ. रवि प्रकाश शर्मा, स्नेहिल पांडेय एवं डॉ. तृप्ति माहौर।
दिल्ली/नई दिल्ली एवं दिल्ली NCR: अन्नी कुमार, आरती कानूनगो, नीरज शर्मा, ब्रजेश कुमार जादौन, डॉ. चांदनी अग्रवाल, नवीन गुप्ता, नीरू मित्तल, रजनी शर्मा, अंजू एवं सुरेन्द्र सिंह।
हरियाणा: अंजू दहिया।
उत्तराखंड: दौलत सिंह गुसाईं, जगदम्बा प्रसाद डोभाल एवं मनोधर कुमार नैनवाल।
राजस्थान: डॉ. हुकम चंद चौधरी, मोहम्मद इमरान खान मेवाती एवं डॉ. बलजिंदर सिंह।
झारखंड: डॉ. निरुपमा कुमारी, कुंदन झा, मनोज कुमार सिंह एवं श्वेता शर्मा।
असम: मीनाक्षी गोस्वामी।
जम्मू एवं कश्मीर: रूही सुल्ताना, जावेद अहमद बांडे एवं डॉ. मोहम्मद याकूव।
बिहार: सिकेन्द्र कुमार सुमन एवं हरिदास शर्मा।
इन सभी शिक्षक साथियों की सक्रिय उपस्थिति और सहभागिता ने छोटे स्वरूप में आयोजित इस संवाद को सही मायनों में राष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया।
विचार और संकल्प बड़े हो गए
Medha AI का औपचारिक लॉन्च पुनर्निर्धारित होने के बावजूद 26 अगस्त का यह मिलन अपने पीछे एक महत्वपूर्ण संदेश छोड़ गया—
“कार्यक्रम का आकार छोटा हो सकता है, लेकिन विचार और संकल्प बड़े हो सकते हैं।”
देश के विभिन्न हिस्सों से आए अनुभवी और नवाचारी शिक्षकों का एक स्थान पर बैठना, एक-दूसरे के कार्यों को समझना और फिर यह विचार करना कि उनकी सामूहिक प्रतिभा एवं अनुभव का उपयोग भारत की शिक्षा के लिए कैसे किया जा सकता है—अपने आप में इस आयोजन की बड़ी उपलब्धि रही।
इस पूरे संवाद के केंद्र में एक महत्वपूर्ण प्रश्न उभरकर सामने आया—
“क्या भारत के राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों के सामूहिक अनुभव, नवाचार और विशेषज्ञता को Artificial Intelligence एवं आधुनिक तकनीक के साथ जोड़कर देश के लिए एक सशक्त Educational Knowledge & Innovation Network बनाया जा सकता है?”
26 अगस्त के PATF संवाद ने इसका उत्तर किसी औपचारिक घोषणा से नहीं, बल्कि संभावनाओं, सहयोग और सामूहिक संकल्प के रूप में दिया।
कुछ पल... एक खूबसूरत शाम के नाम
दिन भर शिक्षा, तकनीक और भविष्य के classrooms की चर्चा हुई, लेकिन शाम होते-होते माहौल ने एक खूबसूरत और यादगार रंग ले लिया।
कुछ शिक्षक पहले से एक-दूसरे को जानते थे, जबकि अनेक साथी पहली बार मिल रहे थे। लेकिन कुछ ही घंटों में परिचय दोस्ती में और औपचारिकता अपनेपन में बदल गई।
रूही सुल्ताना की मधुर आवाज़, मीनाक्षी गोस्वामी का खूबसूरत गीत और उनके साथ कुंदन झा का गुनगुनाना—इन पलों ने शाम को संगीत और आत्मीयता से भर दिया।
राजीव राज की कविताओं ने दिल को छुआ और अंत में “यही मोहब्बत है” ने जैसे पूरी शाम को एक खूबसूरत एहसास में समेट दिया।
दिन में AI, NEP 2020, Innovation, Technology और Future Classrooms पर गंभीर विचार करने वाले यही शिक्षक शाम को गीत, कविता, शायरी, हँसी और मित्रता के रंग में एक परिवार की तरह दिखाई दिए।
यही शायद शिक्षक समुदाय की खूबसूरती है—जहाँ ज्ञान के साथ संवेदना है, तकनीक के साथ मानवीयता है, विचारों के साथ रिश्ते हैं और उपलब्धियों के साथ एक-दूसरे के लिए सम्मान भी है।
एक मुलाकात... और आगे की लंबी यात्रा
26 अगस्त 2026 का यह मिलन भले ही अपेक्षित बड़े सम्मेलन के रूप में नहीं हो पाया, लेकिन उसने कई नए रिश्ते बनाए, पुरानी मित्रताओं को मजबूत किया और भविष्य में मिलकर कुछ बड़ा एवं सार्थक करने का विश्वास पैदा किया।
अब आवश्यकता इस ऊर्जा को आगे बढ़ाने की है—ताकि देश के राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों के वर्षों के अनुभव, नवाचार और classroom wisdom को AI, Technology, Research और Collaborative Networks से जोड़कर विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए वास्तविक बदलाव में परिवर्तित किया जा सके।
PATF के लिए भी यह अवसर एक नई संभावना का संकेत है—Award से आगे Contribution, Recognition से आगे Collaboration और Individual Innovation से आगे National Educational Transformation की ओर बढ़ने का।
दिल से आभार PATF परिवार, CoGrad टीम, Medha AI से जुड़े साथियों तथा देश के विभिन्न राज्यों से आए सभी राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त एवं ICT पुरस्कार प्राप्त शिक्षक साथियों का, जिन्होंने एक बदले हुए कार्यक्रम को भी एक यादगार राष्ट्रीय शिक्षक संवाद में बदल दिया।
PATF GROUP MEMBERS -
R. P. Badoni, Mohammad Imran Khan Mewati, Sikendra Kumar Suman, Haridas Sharma, Javid Ahmad Banday, Naveen Gupta, Dr. Rajeev Kumar, Dr. Hukam Chand Chaudhary, Snehil Pandey, Rajni Sharma, Anju Dahiya, Dr. Mohammad Yaqoob, Shweta Sharma, Manodhar Kumar Nainwal, Kundan Jha, Kuldeep Gupta, Basanta Kumar Sahu, Jagdamba Prasad Dobhal, Alpa Nigam, Arti Qanungo, Dr. Chandni Agarwal, Daulat Singh Gusain, Roohi Sultana, Anni Kumar, Neeru Mittal, Vineeta Garg, Meenakshi Goswami, Dr. Nirupama Kumari, Manoj Kumar Singh and Dr. Baljinder Singh Brar.
कुछ मुलाकातें कार्यक्रम समाप्त होने के साथ समाप्त नहीं होतीं—वे वहीं से एक नई यात्रा की शुरुआत करती हैं।
PATF × CoGrad
National Awardee Teachers | Medha AI | AI in Education | NEP 2020 | Educational Innovation | Teacher Collaboration | Future Classrooms | Future of Learning