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News Published on June 22, 2026

राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को मेधा AI का लाइफटाइम प्रीमियम संस्करण: PATF वेबिनार में Cograd की ऐतिहासिक घोषणा

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PATF Editorial / Administrator
राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को मेधा AI का लाइफटाइम प्रीमियम संस्करण: PATF वेबिनार में Cograd की ऐतिहासिक घोषणा

भारतीय शिक्षा जगत में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए Cograd के संस्थापक हिमांशु चौरसिया  एवं सौरभ यादव  ने घोषणा की है कि मेधा AI एप्लिकेशन प्लेटफॉर्म का प्रीमियम संस्करण देश के सभी राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को आजीवन (Lifetime) निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा।

यह घोषणा राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिक्षक मंच (PATF – President Awardee Teachers Forum) द्वारा आयोजित एक विशेष वेबिनार के दौरान की गई, जिसमें देशभर के अनेक राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिक्षक शामिल हुए। वेबिनार का उद्देश्य शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की संभावनाओं, शिक्षक-अनुकूल डिजिटल समाधानों तथा नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों पर चर्चा करना था।

Cograd के संस्थापक हिमांशु ने अपने संबोधन में बताया कि पिछले एक वर्ष से राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिक्षक मेधा AI प्लेटफॉर्म के विकास में सक्रिय रूप से सहयोग कर रहे हैं। शिक्षकों ने अपने अनुभव, सुझाव, समीक्षा बिंदु और कक्षा-कक्ष की वास्तविक आवश्यकताओं को साझा किया है, जिनके आधार पर मेधा AI को लगातार परिष्कृत और उन्नत बनाया गया है।

उन्होंने कहा कि मेधा AI केवल एक सामान्य AI टूल नहीं है, बल्कि यह शिक्षकों की संपूर्ण शैक्षणिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर विकसित किया गया एक समग्र शिक्षण सहायक प्लेटफॉर्म है। यह शिक्षक को पाठ योजना निर्माण, कक्षा प्रबंधन, पाठ्यक्रम प्रबंधन, मूल्यांकन, छात्र सहभागिता, ICT के उपयोग, रचनात्मक शिक्षण गतिविधियों तथा AI आधारित शिक्षण नवाचारों में सहायता प्रदान करेगा।

सौरभ ने अपने वक्तव्य में बताया कि मेधा AI को इस प्रकार प्रशिक्षित किया गया है कि यह शिक्षकों को विश्वस्तरीय शैक्षणिक संसाधनों से जोड़ सके। यह मंच विद्यार्थियों को भारत और दुनिया भर के ज्ञान संसाधनों, नवीन शोध, डिजिटल कंटेंट तथा आधुनिक सीखने के अवसरों से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उनका मानना है कि भविष्य की शिक्षा में AI एक सहयोगी शिक्षक (Teaching Companion) के रूप में कार्य करेगा, न कि शिक्षक का विकल्प बनेगा।

वेबिनार में यह भी जानकारी दी गई कि राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों के अनुभवों, सफल शिक्षण प्रयोगों और नवाचारों को मेधा AI के ज्ञान तंत्र में सम्मिलित किया जा रहा है ताकि यह मंच शिक्षकों की वास्तविक चुनौतियों का समाधान प्रस्तुत कर सके। विशेष रूप से शिक्षण की रोचकता बढ़ाने, छात्रों की जिज्ञासा को प्रोत्साहित करने और सीखने को अधिक व्यक्तिगत (Personalized Learning) बनाने पर कार्य किया जा रहा है।

आने वाले समय में देशभर के राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिक्षक अपने-अपने विद्यालयों में मेधा AI का पायलट परीक्षण भी करेंगे। इस पहल का उद्देश्य भारत के युवा वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं, शिक्षकों और तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा विकसित इस स्वदेशी AI प्लेटफॉर्म की प्रभावशीलता का परीक्षण करना तथा उसके व्यापक क्रियान्वयन की दिशा में कार्य करना है।

वर्तमान में मेधा AI मॉडल का पायलट संचालन देश के कई एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों (EMRS) तथा केंद्रीय विद्यालयों में भी किया जा रहा है, जहाँ से प्राप्त अनुभवों और प्रतिक्रियाओं के आधार पर इसे और अधिक सशक्त बनाया जा रहा है।

वेबिनार में PATF के अध्यक्ष राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त प्रसिद्ध शिक्षक इमरान खान ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिक्षक सदैव शिक्षा में नवाचार और गुणवत्ता सुधार के लिए प्रतिबद्ध रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मेधा AI भारतीय शिक्षकों के लिए एक प्रभावी डिजिटल सहयोगी सिद्ध होगा।

राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों के विचार

रमेश प्रसाद बड़ोनी (राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिक्षक, उत्तराखंड)

"मेधा AI का सबसे बड़ा गुण यह है कि इसे शिक्षकों की वास्तविक आवश्यकताओं और कक्षा-कक्ष के अनुभवों के आधार पर विकसित किया गया है। यह प्लेटफॉर्म शिक्षकों को तकनीक और शिक्षण के बीच एक प्रभावी सेतु प्रदान करेगा तथा भविष्य की AI-सक्षम शिक्षा को नई दिशा देगा।"

ओम प्रकाश पाटीदार (राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिक्षक)

"मैंने मेधा AI के विभिन्न फीचर्स को देखा और पाया कि यह शिक्षक के समय की बचत करते हुए शिक्षण को अधिक प्रभावी और छात्र-केंद्रित बना सकता है। यह पहल भारतीय शिक्षकों के अनुभवों पर आधारित एक उत्कृष्ट स्वदेशी नवाचार है।"

नवीन गुप्ता (राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिक्षक)

"शिक्षकों द्वारा दिए गए सुझावों को जिस प्रकार प्लेटफॉर्म में शामिल किया गया है, वह इसकी सबसे बड़ी विशेषता है। मेधा AI भविष्य में विद्यालयों में नवाचार, रचनात्मकता और व्यक्तिगत शिक्षण को बढ़ावा देने वाला एक सशक्त उपकरण सिद्ध होगा।"

मनोज सिंह (राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिक्षक)

"AI का उपयोग तभी सार्थक है जब वह शिक्षक और विद्यार्थियों दोनों के लिए उपयोगी हो। मेधा AI में कक्षा प्रबंधन, मूल्यांकन और छात्र सहभागिता के लिए जो सुविधाएँ विकसित की गई हैं, वे शिक्षा की गुणवत्ता में सकारात्मक परिवर्तन ला सकती हैं।"

रजनी (राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिक्षिका)

"मेधा AI जैसे प्लेटफॉर्म शिक्षकों को नई तकनीकों से जोड़ने के साथ-साथ विद्यार्थियों के लिए सीखने को अधिक रोचक और सहभागितापूर्ण बना सकते हैं। यह पहल शिक्षा में नवाचार को नई गति देगी।"

अनीता (राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिक्षिका)

"शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को सरल, प्रभावी और समावेशी बनाने में AI की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। मेधा AI में शिक्षकों के अनुभवों को शामिल करना इसकी सबसे बड़ी विशेषता है, जिससे यह वास्तव में शिक्षक-केंद्रित मंच बनता है।"

अल्पा निगम (राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिक्षिका)

"मैं इस बात से प्रभावित हूँ कि मेधा AI को केवल तकनीकी दृष्टिकोण से नहीं बल्कि शिक्षाशास्त्रीय दृष्टिकोण से भी विकसित किया जा रहा है। यह मंच शिक्षकों को बेहतर पाठ योजना, मूल्यांकन और छात्र सहभागिता के लिए उपयोगी संसाधन उपलब्ध कराएगा।"

 अन्य राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिक्षक भी ने संयुक्त रूप से यह विश्वास व्यक्त किया कि राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों के अनुभव, सुझाव और सतत सहयोग से मेधा AI भारतीय शिक्षा जगत के लिए एक विश्वसनीय, उपयोगी और नवाचार-आधारित डिजिटल मंच के रूप में स्थापित होगा।

इस अवसर पर राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिक्षक अनेक प्रतिष्ठित शिक्षक उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों ने शिक्षा में AI के जिम्मेदार और रचनात्मक उपयोग की आवश्यकता पर बल दिया तथा इस पहल को भारतीय शिक्षा प्रणाली के डिजिटल परिवर्तन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

 

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